Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the hueman domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/reveal789/domains/newsrevelation.in/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
The Efforts Of Actress Kanak Pandey And Saikat Kumar Made The Return Of Purvanchal Residents Possible – News Revelation
Notice: Trying to access array offset on value of type bool in /home/reveal789/domains/newsrevelation.in/public_html/wp-content/plugins/wp-facebook-open-graph-protocol/wp-facebook-ogp.php on line 170

The Efforts Of Actress Kanak Pandey And Saikat Kumar Made The Return Of Purvanchal Residents Possible

एक्ट्रेस कनक पाण्डेय और सैकत कुमार की कोशिशों से पूर्वांचल वासियों की घर वापसी संभव

पूर्वांचल प्रवासी मिलन संस्था ने कराई मजदूरों की सकुशल देशवापसी

स्वदेश वापसी अभियान के तहत सैकड़ों पूर्वांचल के भारतीयों को सयुंक्त अरब अमीरात से वापस भेजा गया

पूरी दुनिया इस समय बहुत कठिन दौर से गुजर रही है, विश्व भर में लोग कोरोना की मार से बेहाल हैं, ऐसे में श्रमिकों का हाल किसी से छुपा नहीं है।  देश और विदेश में फैले पूर्वांचलवासी श्रमिक बहुत परेशान और बेहाल हैं। दुबई में लगभग ५ लाख पूर्वांचली श्रमिक कार्यरत थे, पर कोरोना की मार ने उनकी नौकरियां छीन ली, उसके बाद सभी घर वापसी के लिए परेशान हो गए। परदेस से अपने देश लौटने की बेचैनी बढ़ने लगी, पर कोई फ्लाइट न होने के कारण सभी अपने घर नहीं आ पा रहे थे और दर दर भटक रहे थे। ऐसे में दुबई की संस्था पूर्वांचलियों के दुःख-सुख की साथी “पूर्वांचल प्रवासी मिलन” और भोजपुरी अभिनेत्री कनक पांडेय एक मसीहा बनकर सामने आई। उनसे अपने देशवासियों का दुःख देखा नहीं गया और जुट गई मजबुर हिन्दुस्तानियों की सकुशल घर वापसी के अभियान से।

जबसे लॉक डॉउन शुरू हुआ कनक पांडेय काफी वर्कर्स को रोज़ खाना खिलाती आ रही हैं। वह इस नेक काम मेे अब भी लगी हुई है। जब वह मजदूरों को खाना देने जाती थी, तो उनका दर्द उनसे देखा नहीं जाता था, लोग अपना हाल सुनाते सुनाते रोने लगते थे, फिर कनक पांडेय ने उन्हें उनके घर वापस भेजने का सोच लिया। जब कनक पांडेय ने पूर्वांचल प्रवासी मिलन (पी पी एम) के चेयर मैन सैकत कुमार से मजदूरों का दर्द बयान किया और अपनी सोच को सामने रखा तो उन्होंने कनक का पूरा सहयोग दिया। उनके साथ मिलकर कनक पांडेय ने इस मिशन को कामयाब बनाया और सैकड़ों मजदूरों और उनके हजारों घरवालों की दुआएं पाईं। कनक पांडेय सैकत कुमार की कंपनी की पार्टनर भी हैं और इस नेक पहल को करके उनके दिल को जो सुकून मिला वो अद्वितीय है। कनक पांडेय कहती हैं “सैकत कुमार जी का जितना भी शुक्रिया अदा किया जाए वो कम है।उनके इस योगदान के बिना इतना बड़ा काम संभव नहीं था। सैकत कुमार पूर्वांचल प्रवासी मिलन के चेयरमैन होने के साथ साथ स्काई कैप इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट लिमिटेड दुबई यूएई के सीआईओ और फाउंडर भी हैं।

आपको बता दें कि कनक पांडेय ने सैकत कुमार जी के सहयोग से स्वदेश वापसी अभियान के तहत ३५० पूर्वांचल क्षेत्र के भारतीयों को सयुंक्त अरब अमीरात से वापस लखनऊ और जयपुर १९ तथा २० जून को आईके इंटरनेशनल एयरपोर्ट से स्पाइस जेट की फ्लाइट से भेजा गया। भारत के अन्य शहरो जैसे गया, गुवाहाटी, कोलकाता के लिए भी उडान जल्द ही उड़ान भरेंगी| उनकी वाराणसी की फलाइट 29 June ko उड़ान के लिए तैयार है।

 

ये सब जो पॉसिबल हुआ उसके पीछे कुछ और लोगो की भी बहुत ही महतवपूर्ण भूमिका रही है, जिनमे प्रमुख नाम श्री विपुल जी, भारत के कांसुलेट जेनेरल, श्री अजय सिंह, स्पाइस जेट के चेयरमैन, श्री संजय खन्ना, आईके इंटरनेशनल एअरपोर्ट के सीइओ और श्री अवनीश कुमार अवस्थी उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी, श्री बाबूलाल मरांडी, नेता विपक्ष, झारखण्ड, श्री सुनील तिवारी, रांची झारखण्ड के विपक्ष के नेता के पोलिटिकल एडवाइजर के नाम उललेखनीय है। साथ ही कुछ और नाम का ज़िक्र भी जरूरी है जैसे, विकास, मनोज सिंह, रवि, मानस, गुरमीत, अशीम भाई, शाहीन भाई और प्रदीप शुक्ल जी।

कनक पांडेय का कहना है कि पूर्वांचल प्रवासी मिलन संस्था ऐसे लोगो की मदद हमेशा ही करती रहेगी तथा कोई भी किसी प्रकार की मदद के लिए हमें संपर्क कर सकता है । पूर्वांचल प्रवासी मिलन की स्थापना का उदेश्य ही बिहार, झारखण्ड तथा उत्तेर प्रदेश के लोगो के बीच एक अच्छे सम्बन्ध को स्थापित करना है , खासकर वो लोग जो इन प्रदेशो से आकर सयुंक्त अरब अमीरात में रह रहे है I

कनक पांडेय के इस जज्बे को सलाम, कि उन्होंने परेशान हाल और मजबुर मजदूरों का दर्द समझा और उन्हें उनके परिवार वालों से मिलवाया।

You may also like...