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The Dark Side Of Life- Mumbai City Film Review – News Revelation
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The Dark Side Of Life- Mumbai City Film Review

आंख खोलने वाला कड़वा सच दिखाती है फिल्म ‘द डार्क साइड ऑफ लाइफः मुंबई सिटी’
-अनिल बेदाग-
बॉलीवुड में आजकल प्रयोगात्मक फिल्में बन रही हैं जिनमें झूठ का आवरण नहीं है बल्कि सच्चाई को पेश किया जा रहा है ताकि दर्शकों से फिल्म से सीधा जुड़ाव हो सके। डायरेक्टर तारिक खान की इसी सप्ताह रिलीज हुई फिल्म ‘द डार्क साइड ऑफ लाइफः मुंबई सिटी’ एक ऐसी ही कहानी है जो मुंबई जैसे बड़े शहरों में हो रही आत्महत्या की बढती घटनाओं पर आधारित है। फिल्म की खासियत यह है कि इसमें कई कहानियों और किरदारों को बहुत करीने से पिरोया गया है और इस खूबसूरती से पेश किया गया है कि दर्शक इस फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करें।

फिल्म में अंत तक सस्पेंस और थ्रिल भी कायम रहता है लेकिन विडंबना यही है कि छोटा बैनर होने की वजह से ऐसी फिल्में दर्शकों की बड़ी संख्या तक नहीं पहुंच पातीं और निर्देशक का सार्थक प्रयास भी व्यर्थ हो जाता है। फिल्म की यूएसपी निर्देशक महेश भट्ट का अहम रोल है जिनके दमदार अभिनय ने यकीनन दर्शकों को चौंकाया है। इस फिल्म के बाद हो सकता है महेश भट्ट अभिनय को भी अपने कॅरियर का हिस्सा बना लें। फिल्म में केके मेनन ने भी प्रभावी अभिनय किया है।
लक्ष्य प्रोडक्शन की यह फिल्म मुंबई महानगर और खास कर फिल्मी दुनिया में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं पर आधारित एक सिनेमा है। मुम्बईकरों के लिए इसमें आंख खोलने वाला कड़वा सच दिखाया गया है जो बड़े शहरों के जीवन में होने वाले तनाव को दर्शाती है। मुंबई जैसे बड़े शहर में लोग इतनी भाग दौड़ भरी जिंदगी गुजार रहे हैं। हर आदमी तनाव और किसी न किसी परेशानी में का शिकार है और यही संघर्ष और मायूसी कभी कभी लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर देती है। इस फिल्म में इसी सच को बड़े प्रभावी ढंग से दिखाया गया है।

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